महाराष्ट्र (Maharashtra) विधानसभा के बजट सत्र से पहले भाजपा विधायकों ने सोमवार को विधान भवन के बाहर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों की मुसीबतों को दूर करने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर लगाम लगाने में विफल रही है. विधायकों ने मांग की कि महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (Maha Vikas Aghadi) सरकार किसानों के कर्ज पूरी तरह से माफ करे और उन्हें फसल खराब होने के एवज में 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से वित्तीय सहायता दे.
भाजपा राज्य अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, कर्ज माफी के दायरे में करीब 3 लाख किसान आते हैं लेकिन संभावित लाभान्वितों की जो सूची आई है उसमें करीब 20,000 किसानों को ही जगह दी गई है. राज्य सरकार की इस चयनात्मकता की हम निंदा करते हैं. विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा करने में नाकाम रही है.
उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि 35 लाख ऐसे बैंक खातों की सूची बनाई गई है जो कर्जमाफी के लिए योग्य हो सकते है.
उधर महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था के हालात को लेकर भाजपा ने महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार की आलोचना की थी जिसके कुछ घंटों बाद राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार पर निशाना साधने वालों को पहले यह देखना चाहिए कि उनकी निगरानी में क्या हो रहा है.
कृषि कर्ज माफी, महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर भाजपा ने किया प्रदर्शन